जब मम्मी-पापा ने मुझे वेटिंग हॉल तक छोड़ा तो मैं कितना रोई***((((
मैं न्यूयॉर्क के कैनेडी एयरपोर्ट पहुँच गई हूँ। यहाँ कितने सारे अफ़्रीकी-अमेरिकी हैं!!! और लाइनें तो रूस से भी लंबी हैं))))))))) लेकिन यहाँ का माहौल बिल्कुल अलग है... यह एहसास कि सब कुछ आपके हाथों में है और आप खुद तय करते हैं कि क्या और कैसे करना है....
बाहर मूसलाधार बारिश हो रही है और ठंड है.... सड़कों पर पानी की बड़ी धाराएँ बह रही हैं.... और मैंने न्यूयॉर्क में पहले से होटल बुक क्यों नहीं किया?))))) अच्छा हुआ कि विमान में मेरी एक लड़की से मुलाकात हुई, जिसने मुझे अपने परिचित स्टीव के यहाँ रहने का सुझाव दिया) चलो ठीक है!!!))))) सड़क पर तो नहीं सो सकती न..... स्टीव का घर बहुत आरामदायक है, उसके माता-पिता की तरफ से इतनी परवाह महसूस हो रही है))) सब मेरे लिए चिंतित हैं) ओह, उसकी पड़ोसी, एक अमेरिकी लड़की मिलने आई है) हम सब बैठकर हँसे..
