यहाँ अपने विचार और दृष्टिकोण रखने का निर्णय लेते हुए, मैंने सबसे पहले समाचार और अफवाहों के मुख्य स्रोत - इंटरनेट का रुख किया.. दूसरे शब्दों में, मैंने गूगल किया)))
सच कहूँ तो, मुझे यकीन था कि मैं ऐसी सुर्खियाँ देखूँगी: उड़ने वाली ट्रेनें, समय यात्रा, एलियंस द्वारा गुलामी... लेकिन अफ़सोस!! मैंने यह देखा: अमेरिका 2030 तक अंतरिक्ष से रूस में लगभग किसी भी वस्तु को निशाना बनाने में सक्षम होगा, तीसरा विश्व युद्ध दूर नहीं है, नए आर्थिक संकटों की लहर!!! इस पर विचार करने की आवश्यकता है....
हाल के दिनों में लोग एक-दूसरे पर इतना अधिक केंद्रित हो गए हैं.. नेतृत्व के लिए यह शाश्वत संघर्ष, शाश्वत युद्ध, पैसा, आतंकवाद..
मैं सपने देखना चाहती थी और 2029 की एक काल्पनिक दुनिया की कल्पना करना चाहती थी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह ऐसी होगी.. बेशक, बहुत कुछ बदल सकता है, दृष्टिकोण, नेता, राज्य बदल सकते हैं..
और मैं वास्तव में क्या कहना चाहती हूँ... कि हमें अपनी दुनिया को बेहतर बनाने की ज़रूरत है, चाहे कुछ भी हो जाए... और मेरा मानना है कि परंपराओं, अनुभव, भाषाओं और संस्कृति का आदान-प्रदान बहुत महत्वपूर्ण है... हमें लोगों को करीब लाने की ज़रूरत है... क्योंकि लोग ही सब कुछ के निर्माता हैं, चाहे वह बुरा हो या अच्छा.. वर्तमान में मौजूद छात्र विनिमय कार्यक्रम इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं.. और मैं इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहती हूँ!!
मैं यह अनुमान नहीं लगाऊँगी कि दुनिया और लोगों का क्या होगा.. मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि हमें उम्मीद रखनी चाहिए, विश्वास करना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि सब कुछ ठीक हो जाए!!!
मैं EXCHANGE केंद्रों को सभी दिशाओं में निरंतर विकास की कामना करती हूँ!!!
एक पूर्ण आशावादी...
ई.वी. एंटोनोवा, पेट्रोपावलोव्स्क, कजाकिस्तान